Published on: May 2026
राजगोपाल सिंह वर्मा के कहानी-संग्रहों में प्रेम कथा चित्रण: ऐतिहासिक और भावनात्मक परिप्रेक्ष्य में एक विश्लेषणात्मक अध्ययन
निशा
डॉ. सीमा शर्मा
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Abstract
इस अध्ययन में प्रेम को एक सार्वभौमिक अनुभूति के रूप में देखा गया है, जो धर्म, जाति, राष्ट्र और सामाजिक संरचनाओं से परे मानव जीवन की मूल संवेदना का प्रतिनिधित्व करती है। लेखक की कहानियों में प्रेम जीवन की जिजीविषा, आत्मीयता और समर्पण का प्रतीक बनकर उभरता है। साथ ही, प्रेम और अहंकार, प्रेम और मालकियत तथा प्रेम और ईर्ष्या के अंतर्संबंधों का भी सूक्ष्म विश्लेषण किया गया है। लेखक यह स्थापित करते हैं कि जहाँ स्वामित्व और अहंकार का भाव प्रबल होता है, वहाँ प्रेम का वास्तविक स्वरूप क्षीण हो जाता है।
How to Cite this Paper
निशा, (2026). राजगोपाल सिंह वर्मा के कहानी-संग्रहों में प्रेम कथा चित्रण: ऐतिहासिक और भावनात्मक परिप्रेक्ष्य में एक विश्लेषणात्मक अध्ययन. International Journal of Creative and Open Research in Engineering and Management, <i>02</i>(05). https://doi.org/10.55041/ijcope.v2i5.553
निशा, . "राजगोपाल सिंह वर्मा के कहानी-संग्रहों में प्रेम कथा चित्रण: ऐतिहासिक और भावनात्मक परिप्रेक्ष्य में एक विश्लेषणात्मक अध्ययन." International Journal of Creative and Open Research in Engineering and Management, vol. 02, no. 05, 2026, pp. . doi:https://doi.org/10.55041/ijcope.v2i5.553.
निशा, . "राजगोपाल सिंह वर्मा के कहानी-संग्रहों में प्रेम कथा चित्रण: ऐतिहासिक और भावनात्मक परिप्रेक्ष्य में एक विश्लेषणात्मक अध्ययन." International Journal of Creative and Open Research in Engineering and Management 02, no. 05 (2026). https://doi.org/https://doi.org/10.55041/ijcope.v2i5.553.
References
1.एक थी रूही ..... जिन्ना का बेमेल प्रेम, राजगोपाल सिंह वर्मा, पृष्ठ 11- वही, पृष्ठ 13
- वही, पृष्ठ 15
- इश्क .... लखनवी मिजाज का ... प्रेम जो परवाना चढ़ा, राजगोपाल सिंह वर्मा, पृष्ठ 29
- वही, पृष्ठ 30
- वही, पृष्ठ 24
- वही, पृष्ठ 31
- वही, पृष्ठ 34
- इश्क जो मुकम्मल न हुआ, राजगोपाल सिंह वर्मा, पृष्ठ 35
- वही, पृष्ठ 43
- एक जाट राजकुमार का इश्क, राजगोपाल सिंह वर्मा, पृष्ठ 60
- वही, पृष्ठ 61
- नवी शताब्दी का राजपूताना प्रेम, राजगोपाल सिंह वर्मा, पृष्ठ 104
- वही, पृष्ठ 105
- वही, पृष्ठ 106
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- •Peer Review Type: Double-Blind Peer Review
- •Published on: May 18 2026
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